औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में मासूम बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ फलों के नाम पर बेची जा रही रंग-बिरंगी ‘फ्रूट जेली’ जांच में पूरी तरह फर्जी पाई गई है। कंडाघाट स्थित कंपोजिट टेस्टिंग लैब (CTL) की रिपोर्ट के अनुसार, इस जेली में फलों का कोई अंश नहीं मिला, जबकि इसे पूरी तरह प्राकृतिक फ्रूट प्रोडक्ट बताकर बेचा जा रहा था। खाद्य सुरक्षा विभाग ने इसे ‘मिस-ब्रांडेड’ और ‘भ्रामक’ श्रेणी में रखते हुए तुरंत प्रतिबंधित कर दिया है।
हैरानी की बात यह है कि यह नकली खेल किसी ब्रांडेड कंपनी द्वारा नहीं, बल्कि एक स्थानीय मिठाई विक्रेता द्वारा अपने ही कारखाने में बिना किसी मानकों के खेला जा रहा था। यह असुरक्षित जेली न केवल मुख्य दुकान पर बिक रही थी, बल्कि आसपास की छोटी दुकानों और रेहड़ियों तक भी सप्लाई की जा रही थी। विभाग अब उन सभी ठिकानों की पहचान कर रहा है जहाँ यह खेप भेजी गई थी।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग ने इस धोखाधड़ी को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कारोबारी को नोटिस जारी कर 30 दिनों के भीतर जवाब मांगा है। नियमों के उल्लंघन और जनता को गुमराह करने के आरोप में दुकानदार पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बच्चों के खाने-पीने की चीजों में ऐसी लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
By Dhruv Sharma
