हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में लगातार हो रही भारी बारिश ने भयंकर तबाही मचा दी है। बीते दिन जिले के सुंदरनगर-नाचन विधानसभा क्षेत्र में भूस्खलन की एक बड़ी घटना सामने आई, जिसमें 7 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में मंडी जिला के युवा कांग्रेस नेता राहुल मंडयाल भी शामिल हैं। घटना ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है।
रामपुर में निजी बस पर गिरा मलबा, 2 यात्रियों की मौत
मंडी की इस घटना के कुछ ही समय बाद शिमला जिला के रामपुर क्षेत्र से भी दुखद समाचार आया। यहां काली मिट्टी के पास एक निजी बस पर अचानक पहाड़ से मलबा गिर पड़ा, जिससे बस में सवार 2 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
मुख्यमंत्री ने जताया दुख, दिए राहत कार्यों के निर्देश
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दोनों ही घटनाओं पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों की आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवारों को धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की। सीएम ने प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने और घायलों को हर संभव मदद मुहैया करवाने के निर्देश दिए हैं।
आपदा से जनजीवन अस्त-व्यस्त
भारी बारिश और लगातार हो रहे भूस्खलन ने मंडी सहित हिमाचल के अन्य जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे यातायात ठप पड़ गया है। कई गांवों में जमीन धंसने और मकानों में दरारें आने से लोग दहशत में हैं और सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।
विपक्ष ने भी जताई चिंता
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आपदा संभावित स्थानों को चिन्हित करने और ब्लैक स्पॉट दुरुस्त करने की मांग की है। वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने भी प्राकृतिक आपदा को लेकर चिंता जताई और सरकार से प्रभावित परिवारों की हर संभव मदद करने की अपील की।
नुकसान का बढ़ता आंकड़ा
प्रदेश में इस मानसून सीजन के दौरान अब तक हजारों करोड़ का नुक़सान आंका जा चुका है। केवल मंडी जिला ही नहीं, बल्कि कुल्लू, चंबा, किन्नौर और शिमला जिले में भी कई स्थानों पर भारी नुकसान हुआ है। सेब सीजन पर भी इसका गहरा असर पड़ रहा है, जिससे बागवानों को भारी आर्थिक झटका लगने की आशंका है।
यह दुखद घटनाएं एक बार फिर याद दिलाती हैं कि हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में बरसात के दिनों में सतर्कता और सुरक्षा उपायों का पालन कितना ज़रूरी है।
By Neeraj Verma
