आज हिमाचल विधानसभा का माहौल पूरी तरह से आपदा और राहत कार्यों पर केंद्रित रहा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू बिहार में राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा में शामिल होने के कारण सदन में उपस्थित नहीं थे।
राजस्व मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आपदा से हुए भारी नुकसान पर विस्तृत रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी। इसके बाद हिमाचल प्रदेश को राष्ट्रीय आपदा ग्रस्त राज्य घोषित करने का प्रस्ताव लाया गया, जिसे अंततः सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।
इस दौरान मंत्री जगत सिंह नेगी ने सदन में कहा कि आपदा में सहयोग देने के बजाय विपक्ष अपनी राजनीतिक रोटियां सेंक रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही केंद्र सरकार आपदा घोषित न करे, लेकिन देश को हिमाचल की स्थिति का पता चलना चाहिए।
चंबा जिले की स्थिति को लेकर भी गहन चर्चा हुई। पिछले दो-तीन दिनों से भारी बारिश और भूस्खलन के कारण चंबा लगभग पूरी तरह से बाहरी दुनिया से कटा हुआ है।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आश्वस्त किया कि सरकार हर संभव मदद कर रही है। उन्होंने बताया कि राहत कार्यों के लिए हेलीकॉप्टर का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। नेटवर्क बहाल करने का कार्य जारी है और फिलहाल उपग्रह संचार के जरिए संपर्क बनाए रखा जा रहा है।
आज का सदन आपदा, राहत कार्यों और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से पूरी तरह गरमाया रहा।
By Neeraj Verma
