हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के ग्रामीण इलाकों में उस वक्त दहशत फैल गई, जब अलग-अलग क्षेत्रों से चार नाबालिग बच्चों के अचानक गायब होने की खबर सामने आई। लापता होने वालों में ठियोग की तीन लड़कियां और कुमारसैन का एक 16 वर्षीय किशोर शामिल है। एक ही जिले से इतने बच्चों का एक साथ लापता होना पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है, जिसके बाद अलर्ट जारी कर विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी गई है।
मां के अस्पताल से लौटते ही बेटा गायब, फोन भी किया ब्लॉक
पहला मामला कुमारसैन का है, जहाँ एक मां अपनी बीमारी का इलाज कराने शिमला के IGMC अस्पताल गई थी। 5 फरवरी को जब वह घर लौटी, तो उसका 16 साल का बेटा घर पर नहीं था। चौंकाने वाली बात यह है कि गायब होने से पहले युवक ने अपने परिवार के सभी सदस्यों के मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिए थे, जिससे मामला और भी संदिग्ध हो गया है। किसी अनहोनी के डर से सहमे परिजनों ने पुलिस से गुहार लगाई है।
ठियोग में एक साथ तीन लड़कियां लापता, क्षेत्र में दहशत
वहीं, ठियोग उपमंडल में स्थिति और भी गंभीर बनी हुई है। यहाँ 6 फरवरी को लेलू पुल के पास से एक 16 वर्षीय किशोरी रहस्यमयी तरीके से गायब हो गई। परिजनों ने जब अपनी बेटी की तलाश शुरू की, तो पता चला कि इलाके की दो और लड़कियां (उम्र 12 और 13 वर्ष) भी लापता हैं। एक ही क्षेत्र से तीन नाबालिग लड़कियों के एक साथ गायब होने से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश और चिंता है।
पुलिस की कार्रवाई और जनता से सहयोग की मांग
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआई राकेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीमें जांच में जुट गई हैं। पुलिस ने संभावित ठिकानों पर दबिश देना शुरू कर दिया है और जनता से अपील की है कि यदि किसी को भी इन बच्चों के बारे में कोई सुराग मिले, तो वे तुरंत नजदीकी थाने या पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित करें। आपकी एक छोटी सी जानकारी किसी की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित कर सकती है।
By Dhruv Sharma
