हिमाचल प्रदेश का प्रतिष्ठित डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज (टांडा) इन दिनों विवादों के घेरे में है। नशामुक्त कैंपस के बड़े-बड़े दावों के बीच, एक प्रशिक्षु (इंटर्न) डॉक्टर को लैब के भीतर शराब पीने की तैयारी करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है। बताया जा रहा है कि आरोपी ने कांच के जार में शराब छिपाकर रखी थी, लेकिन एक छात्रा की सजगता ने उसकी पोल खोल दी। कॉलेज प्रशासन की अनुशासन कमेटी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके से शराब ज़ब्त की और रात भर पूछताछ का दौर चला। हालाँकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही साक्ष्य प्रशासन द्वारा कब्जे में लिए जाने के कारण अब कॉलेज अपनी आंतरिक नीतियों के तहत इस पर अनुशासनात्मक कार्रवाई कर रहा है।
दोहरा संकट: नशे के साथ उत्पीड़न का भी आरोप
यह मामला केवल नशे तक सीमित नहीं रहा; जांच के दौरान एक और गंभीर मोड़ तब आया जब एक छात्रा ने उक्त डॉक्टर पर मोबाइल के जरिए प्रताड़ित करने और आपत्तिजनक मैसेज भेजने का आरोप लगाया। हैरान करने वाली बात यह रही कि जब प्राचार्य कक्ष में पूछताछ चल रही थी, तभी छात्रा को फिर से एक मैसेज मिला, जिसने मामले को और पेचीदा बना दिया है। पुलिस (DSP कांगड़ा) ने इस संबंध में पीछा करने और उत्पीड़न (Stalking and Harassment) की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और तकनीकी जांच के जरिए असली अपराधी तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
By Dhruv Sharma
