
Himachal Mein Bhang Ki Kheti Scheme: हिमाचल प्रदेश में बड़े पैमाने भांग की तस्करी होती है. हालांकि, सरकार ने अब भांग को कमाई का जरिया बने के लिए प्लानिंग की है. सरकार ने इसी वजह से भांग की खेती को मंजूरी दी है. इस संबंध में सरकार ने एक कमेटी भी बनाई थी, जिसने कई राज्यों के मॉडल की जानकारी लेने के लिए दौरा किया था.
शिमला. आर्थिक संकट के बीच हिमाचल प्रदेश में सुक्खू सरकार भांग की खेती के जरिये 2000 हजार करोड़ रुपये कमाई करेगी. मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने ‘ग्रीन टू गोल्ड’ पहल की शुरुआत की है. राज्य सरकार का यह साहसिक आर्थिक प्रयोग औद्योगिक भांग की खेती को वैध और विनियमित कर हिमाचल की अर्थव्यवस्था को वैश्विक बायो-इकॉनोमी में अग्रणी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है.
दशकों से कुल्लू, मंडी और चंबा जैसी घाटियों में जंगली रूप से उगने वाली भांग को अब तक केवल नशे और अवैध व्यापार से जोड़कर देखा जाता था, लेकिन वर्तमान प्रदेश सरकार ने औषधीय गुणों से युक्त इस प्राकृतिक संपदा को एक बहुमूल्य औद्योगिक संसाधन के रूप में पहचाना है. इसका उपयोग पर्यावरण के अनुकूल कपड़ा उद्योग, पेपर एवं पैकंजिग, कॉसमैटिक, बॉयो फ्यूल, एनर्जी इंडस्ट्री में करने के साथ इससे बायो-प्लास्टिक जैसे अत्याधुनिक उत्पाद भी तैयार किए जा सकेंगे. पहाड़ी राज्य हिमाचल सही मानको तथा पॉलिसी के साथ पर्यावरण हितैषी औद्योेगिक विकास का मुख्य केन्द्र बनकर उभरेगा.
