हिमाचल प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹54,928 करोड़ का बजट पेश किया है, जो पिछले साल के ₹58,514 करोड़ के मुकाबले कम है। राज्य को राजस्व में कमी और आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए इस बार बजट में एक तरफ सख्त फैसले लिए गए हैं तो दूसरी तरफ आम जनता को लक्षित राहत भी दी गई है।
इस बजट में सबसे बड़ा फैसला सरकार और नेताओं के वेतन को लेकर लिया गया है। मुख्यमंत्री के वेतन में 50 प्रतिशत कटौती, मंत्रियों के वेतन में 30 प्रतिशत और विधायकों के वेतन में 20 प्रतिशत कटौती की घोषणा की गई है। इसके अलावा उच्च अधिकारियों के वेतन में भी 20 से 30 प्रतिशत तक कटौती की जाएगी, जबकि ग्रुप C और D कर्मचारियों के वेतन को सुरक्षित रखा गया है।
महिलाओं के लिए सरकार ने बड़ी घोषणा करते हुए अति गरीब परिवारों की 1 लाख महिलाओं को ₹1500 प्रति माह देने का ऐलान किया है। यह योजना सीधे तौर पर महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
पेंशनरों के लिए भी राहत दी गई है। दिव्यांगों की पेंशन ₹1700 से बढ़ाकर ₹3000 प्रति माह कर दी गई है। इसके साथ ही अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को भी जारी रखा गया है, जिससे बुजुर्गों, विधवाओं और जरूरतमंदों को लाभ मिलता रहेगा।
रोजगार के क्षेत्र में इस बार पुलिस भर्ती बड़ी खबर बनकर सामने आई है। सरकार ने पुलिस कांस्टेबल के 1000 पद भरने की घोषणा की है। इसके अलावा शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी भर्ती जारी रहेगी। शिक्षा क्षेत्र में लगभग 800 पद और स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टरों तथा अन्य स्टाफ की भर्ती से सैकड़ों युवाओं को रोजगार मिलेगा।
ग्रामीण और अन्य क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया गया है। ₹500 करोड़ की लागत से 300 अधूरे विकास कार्य पूरे किए जाएंगे, जिससे निर्माण कार्यों में हजारों लोगों को काम मिलेगा।
किसानों के लिए MSP में बढ़ोतरी की गई है। गेहूं ₹80 प्रति किलो, मक्की ₹50 प्रति किलो, जौ ₹80 प्रति किलो, हल्दी ₹150 प्रति किलो और अदरक ₹30 प्रति किलो तय किया गया है। इससे किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।
डेयरी क्षेत्र में दूध के दाम ₹10 प्रति लीटर बढ़ाए गए हैं। अब गाय का दूध ₹61 और भैंस का दूध ₹71 प्रति लीटर हो गया है। इससे डेयरी किसानों को फायदा होगा, जबकि आम जनता के लिए दूध महंगा हुआ है।
मछुआरों के लिए मछली का MSP ₹100 प्रति किलो तय किया गया है और ₹3500 की एकमुश्त सहायता दी जाएगी। नादौन (हमीरपुर) में ₹25 करोड़ की लागत से इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क बनाया जाएगा, जिससे स्थानीय रोजगार भी बढ़ेगा।
शिक्षा क्षेत्र में SMC शिक्षकों के मानदेय में ₹500 की बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा शिक्षा में नई भर्तियां और संस्थानों को मजबूत करने की दिशा में काम जारी रहेगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र: स्वास्थ्य विभाग में 2068 करोड़ के बजट के प्रावधान की घोषणा की गई है!
आंगनबाड़ी और आशा वर्कर्स के मानदेय में ₹1000 की बढ़ोतरी की गई है, जिससे इस वर्ग को सीधा लाभ मिलेगा। जलरक्षकों का वेतन ₹500 बढ़ाकर ₹6100 प्रति माह कर दिया गया है।
मजदूर वर्ग के लिए न्यूनतम दिहाड़ी बढ़ाकर ₹750 कर दी गई है। आउटसोर्स कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन बढ़ाकर ₹13,750 प्रति माह किया गया है।
बिजली के क्षेत्र में 125 यूनिट तक राहत जारी रखी गई है, जिससे आम उपभोक्ताओं को फायदा मिलेगा और छोटे उद्योगों को भी राहत मिलेगी।
सरकार ने अगले 6 महीनों में हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा है, जिसके तहत कृषि, डेयरी, पर्यटन और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा।
क्या महंगा और क्या सस्ता हुआ, इसकी बात करें तो इस बजट में कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया है। दूध ₹10 प्रति लीटर महंगा हुआ है, जबकि बिजली में राहत जारी है और किसानों को MSP बढ़ने से उनकी आय में वृद्धि होगी।
कुल मिलाकर यह बजट सख्त फैसलों और लक्षित राहत का मिश्रण है। इसमें एक तरफ सरकार ने अपने खर्च कम किए हैं, वहीं दूसरी तरफ महिलाओं, किसानों, मजदूरों, पेंशनरों और युवाओं को सीधे लाभ देने की कोशिश की है। यह बजट दिखाता है कि सरकार आर्थिक संतुलन के साथ-साथ रोजगार और उत्पादन बढ़ाने पर ध्यान दे रही है।
By Dhruv Sharma
