“हिमाचल के हित सर्वोपरि” के अपने वादे को पूरा करते हुए, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के प्रयासों से प्रदेश के ग्रामीण विकास को नई संजीवनी मिली है। केंद्र सरकार के समक्ष हिमाचल का पक्ष मजबूती से रखने के परिणामस्वरूप, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-IV) के तहत करीब ₹2300 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्राप्त हुई है। यह सफलता विक्रमादित्य सिंह की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है जिसमें उन्होंने दुर्गम और ग्रामीण क्षेत्रों की आवाज को दिल्ली तक पहुँचाने का संकल्प लिया था।
इस विशाल बजट के माध्यम से प्रदेश भर में 294 नई सड़कों का निर्माण और सुधार किया जाएगा, जिससे लगभग 1500 किलोमीटर लंबा ग्रामीण सड़क नेटवर्क मजबूत होगा। पहाड़ी राज्य होने के नाते हिमाचल के लिए सड़कें ही ‘सड़क नहीं, बल्कि जीवनरेखा’ हैं। विक्रमादित्य सिंह के नेतृत्व में लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीम ने इन प्रस्तावों को तैयार करने और तकनीकी मंजूरियां दिलाने के लिए रिकॉर्ड समय में काम किया है, ताकि कठिन भौगोलिक क्षेत्रों के लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
यह ₹2300 करोड़ का निवेश न केवल बुनियादी ढांचे को सुधारेगा, बल्कि कृषि-बागवानी उत्पादों की बाजार तक पहुंच आसान बनाएगा और पर्यटन के नए द्वार खोलेगा। विक्रमादित्य सिंह ने स्पष्ट किया है कि आगामी समय में इन सड़कों के टेंडर और गुणवत्ता पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी ताकि पारदर्शिता के साथ हर रुपया जनता के काम आए। यह उपलब्धि हिमाचल के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की रफ्तार को दोगुना करने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने में मील का पत्थर साबित होगी।
By Dhruv Sharma
