हिमाचल प्रदेश में हाड़ कंपाने वाली ठंड का दौर जारी है। राज्य के कई हिस्सों में शीतलहर (Cold Wave) ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। विशेष रूप से कांगड़ा, हमीरपुर और बरठीं में भीषण ठंड दर्ज की गई है। लाहौल-स्पीति का कुकुमसेरी -10.8°C के साथ प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका रहा, जबकि मनाली, कल्पा और भुंतर जैसे पर्यटन स्थलों पर भी पारा शून्य से नीचे गिर गया है। ऊंचाई वाले इलाकों में आलम यह है कि पीने के पानी के स्रोत और झरने पूरी तरह जम चुके हैं, जिससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।कोहरे और धुंध का डबल अटैक: पहाड़ों के साथ-साथ निचले इलाके भी सुरक्षित नहीं हैं। बिलासपुर, ऊना और पांवटा साहिब जैसे क्षेत्रों में सुबह और रात के समय घना कोहरा छाया रहता है, जिससे विजिबिलिटी महज 100 मीटर तक रह गई है। मौसम विभाग ने 15 जनवरी तक घने कोहरे और शीतलहर का ‘अलर्ट’ जारी किया है। इसके साथ ही, पिछले तीन महीनों से बारिश और बर्फबारी न होने के कारण प्रदेश में सूखे जैसे हालात पैदा हो गए हैं, जो किसानों और बागवानों के लिए चिंता का विषय है।बर्फबारी का इंतज़ार खत्म? लंबे समय से सूखे का सामना कर रहे हिमाचल के लिए राहत की एक किरण दिखी है। मौसम विभाग के अनुसार, 16 और 17 जनवरी को एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने वाला है। इसके प्रभाव से शिमला, कुल्लू, चम्बा, किन्नौर और लाहौल-स्पीति के ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी की प्रबल संभावना है। हालांकि, 15 जनवरी तक मौसम शुष्क ही बना रहेगा।
By Dhruv Sharma
