हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले में नशे के सौदागरों के खिलाफ छिड़ी जंग ने उस समय एक खतरनाक मोड़ ले लिया, जब तीसा क्षेत्र के शनेड़ा नाला में पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों के बीच सीधी भिड़ंत हो गई। शनिवार शाम को चम्बा पुलिस की विशेष अन्वेषण इकाई (SIU) ने एक गुप्त सूचना के आधार पर नाकाबंदी की थी। इसी दौरान झज्जाकोठी की ओर से आ रहे सुभाष चंद नामक व्यक्ति को जब पुलिस ने दबोचा, तो उसके पास से 1.42 किलोग्राम चरस बरामद हुई। लेकिन असली ड्रामा गिरफ्तारी के ठीक बाद शुरू हुआ, जिसने कानून-व्यवस्था की चुनौतियों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।जैसे ही पुलिस ने आरोपी सुभाष चंद को हिरासत में लिया, वहां अचानक 20 से 30 स्थानीय लोगों की उग्र भीड़ जमा हो गई। भीड़ ने न केवल पुलिस कार्रवाई का विरोध किया, बल्कि टीम के साथ हाथापाई और धक्का-मुक्की करते हुए आरोपी को पुलिस की गिरफ्त से जबरन छुड़ा लिया। इस अप्रत्याशित हमले और तनावपूर्ण माहौल के बावजूद, इंस्पेक्टर गगनदीप सिंह और उनकी टीम ने अदम्य साहस का परिचय दिया। पुलिस ने पीछे हटने के बजाय भाग रहे आरोपियों का पीछा किया और कड़ी मशक्कत के बाद मुख्य तस्कर सुभाष चंद को दोबारा दबोचने में कामयाबी हासिल की।इस दुस्साहस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए एसपी चम्बा विजय कुमार सकलानी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अपराधियों का साथ देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। जहां मुख्य आरोपी पर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है, वहीं पुलिस टीम पर हमला करने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में स्थानीय पंचायत प्रधान नीलमा देवी सहित करीब 30 लोगों के खिलाफ अलग से एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है। पुलिस अब वीडियो फुटेज और पहचान के आधार पर हमले में शामिल अन्य लोगों की धरपकड़ की तैयारी कर रही है, ताकि भविष्य में कानून के साथ खिलवाड़ करने वालों को कड़ा सबक मिल सके।
By Dhruv Sharma
