ऊना: हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना का चलेट गांव आज उस वक्त आंसुओं के सैलाब में डूब गया, जब गांव के श्मशान घाट पर एक साथ चार चिताओं को मुखाग्नि दी गई। बीते कल पंजाब के होशियारपुर-दसूहा रोड पर हुए एक भीषण सड़क हादसे ने न केवल चार परिवारों को तबाह कर दिया, बल्कि पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है। गांव की गलियों से जब एक साथ चार अर्थियां उठीं, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम थीं और माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया।
यह दर्दनाक हादसा उस समय पेश आया जब गांव के पांच लोग अपने एक साथी, अमृत डडवाल को दुबई की फ्लाइट पकड़वाने के लिए अमृतसर एयरपोर्ट छोड़ने जा रहे थे। नियति का क्रूर खेल देखिए कि वे अपनों को खुशी-खुशी विदा करने निकले थे, लेकिन रास्ते में ही मौत ने उन्हें घेर लिया। सुबह के वक्त घनी धुंध के बीच एक तेज रफ्तार पनबस ने उनकी कार को इतनी जबरदस्त टक्कर मारी कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। बस कार को करीब 200 मीटर तक घसीटते हुए ले गई, जिससे सुखविंदर सिंह, सुशील कुमार, बृज कुमार और अरुण कुमार की जान चली गई।
मृतकों में कोई सेना से सेवानिवृत्त होकर बच्चों का भविष्य संवार रहा था, तो कोई ऑटो चलाकर और स्कूल बस में हेल्परी करके अपने परिवार का पेट पाल रहा था। किसी के पीछे मासूम बच्चे बिलख रहे हैं, तो किसी का पूरा परिवार ही बेसहारा हो गया है। आज जब इन चारों दोस्तों का अंतिम संस्कार हुआ, तो आसमान भी उनकी विदाई पर रोता हुआ प्रतीत हुआ। इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और धुंध के दौरान सावधानी बरतने की ओर इशारा किया है, लेकिन चलेट गांव ने जो खोया है, उसकी भरपाई कभी नहीं हो पाएगी।
By Dhruv Sharma
