शिमला के संजौली क्षेत्र के चलौंती में देर रात करीब 10:00 बजे उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब निर्माणाधीन टनल के पास एक जोरदार धमाका हुआ। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह धमाका टनल निर्माण के दौरान किए गए ब्लास्टिंग कार्य की वजह से हुआ, जिससे आसपास की पहाड़ी और मकानों में तेज कंपन महसूस किया गया। सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए करीब 15 परिवारों को उनके घरों से बाहर निकाला, जिन्हें शून्य से नीचे गिरते तापमान के बीच खुले आसमान के नीचे रात गुजारनी पड़ी।इस घटना का असर न केवल रिहायशी मकानों पर पड़ा, बल्कि संजौली बाईपास मार्ग पर भी मलबा आने और दरारें पड़ने के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया। क्षेत्र में स्थित होटलों में ठहरे पर्यटक भी सुरक्षा चिंताओं के कारण आधी रात को ही कमरा छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए। पुख्ता तौर पर यह कहा जा सकता है कि अनियंत्रित ब्लास्टिंग ने क्षेत्र की भूगर्भीय स्थिरता (geological stability) को हिला दिया है, जिससे भविष्य में भूस्खलन का खतरा और बढ़ गया है।
By Dhruv Sharma
