औद्योगिक नगरी बद्दी में बढ़ता वायु प्रदूषण अब सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरे का संकेत देने लगा है। मंगलवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 315 दर्ज होने के साथ ही बद्दी की हवा ‘बेहद खराब’ श्रेणी में पहुंच गई है, जिससे क्षेत्र में सांस संबंधी बीमारियों, दमा और अन्य श्वसन समस्याओं के बढऩे की आशंका गहरा गई है। बीते कुछ दिनों के आंकड़े बद्दी की वायु स्थिति की अस्थिरता को उजागर कर रहे हैं। 26 दिसंबर को बद्दी में एक्यूआई 394 तक पहुंच गया था, जो 27 दिसंबर को घटकर 308 और 28 दिसंबर को और सुधरकर 281 दर्ज किया गया, लेकिन इसके बाद हालात फिर बिगड़े और आज एक बार फिर एक्यूआई 315 पर पहुंच गया। देशभर में आज जिन 14 शहरों में एक्यूआई 300 से ऊपर दर्ज किया गयाए उनमें बद्दी भी शामिल है। हिमाचल प्रदेश के 90 फीसदी से अधिक उद्योगों को समेटे बद्दी अब राज्य के प्रदूषण नियंत्रण तंत्र के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के राज्य के एकमात्र ऑनलाइन एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन के अनुसार बद्दी में पीएम 2.5 प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण बना हुआ है। दिन के दौरान पीएम 2.5 का स्तर 11 बजे करीब 411 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गयाए इसी तरह पीएम10 का स्तर भी 425 रिकॉर्ड किया गया। राष्ट्रीय परिवेश वायु गुणवत्ता मानकों के अनुसार 24 घंटे के आधार पर पीएम का सुरक्षित स्तर 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तय है, ऐसे में बद्दी में दर्ज ये आंकड़े कई गुना अधिक हैं। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक पर्यावरण अभियंता पवन चौहान ने बताया कि हाल ही में लोक निर्माण विभागए एनएचएआई, शहरी विकास प्राधिकरण, उद्योग प्रबंधन और नगर निगम के अधिकारियों को पत्र लिखकर तत्काल निवारक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
