सच हिमाचल ब्यूरो: केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने इस महीने का ड्रग अलर्ट जारी करते हुए देश की स्वास्थ्य व्यवस्था में हलचल मचा दी है। इस ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, देशभर से लिए गए दवाओं के नमूनों में से कुल 141 सैंपल गुणवत्ता परीक्षण में फेल हो गए हैं, जिनमें सबसे बड़ा हिस्सा यानी 47 दवाएं अकेले हिमाचल प्रदेश में बनी हैं। इन फेल दवाओं की सूची काफी चिंताजनक है क्योंकि इसमें सामान्य विटामिन की गोलियों के साथ-साथ दिल, मिर्गी, ब्लड प्रेशर, शुगर और गंभीर संक्रमण के इलाज में काम आने वाले इंजेक्शन और कफ सिरप भी शामिल हैं। दवाओं के अलावा दैनिक उपयोग की वस्तुएं जैसे मेहंदी, टूथपेस्ट और साबुन के नमूने भी जांच में असुरक्षित पाए गए हैं।
देश के अन्य राज्यों की स्थिति देखें तो गुजरात की 23, उत्तराखंड की 20, पंजाब की 7 और राजस्थान की 6 दवाएं फेल हुई हैं, जबकि मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और हरियाणा की 5-5 दवाओं के सैंपल मानकों को पूरा नहीं कर पाए। हिमाचल प्रदेश के राज्य दवा नियंत्रक डॉ. मनीष कपूर ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि चूंकि देश की कुल दवाओं का एक-तिहाई उत्पादन अकेले हिमाचल में होता है, इसलिए यहां टेस्टिंग का दायरा भी काफी बड़ा है। यही कारण है कि अन्य राज्यों के मुकाबले हिमाचल की दवाओं की संख्या अधिक दिख रही है। विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित दवा इकाइयों का उत्पादन रुकवा दिया है और उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे सार्वजनिक किए गए डेटा की जांच करें ताकि किसी भी घटिया गुणवत्ता वाली दवा के सेवन से बचा जा सके।
Content Writer- Vijay
