शिमला/हिमाचल प्रदेश: मध्य पूर्व में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपजी अस्थिरता का सीधा असर अब हिमाचल प्रदेश की रसोई और पर्यटन कारोबार पर पड़ने लगा है। राजधानी शिमला सहित प्रदेश के कई जिलों में व्यावसायिक गैस की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। पिछले तीन-चार दिनों से गैस एजेंसियों को व्यावसायिक सिलिंडरों की कोई नई खेप प्राप्त नहीं हुई है, जिसके कारण शहर के गोदाम खाली हो चुके हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि शिमला, सोलन और कांगड़ा जैसे प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में वितरकों के पास अब मात्र एक से दो दिन का स्टॉक ही शेष बचा है।
इस संकट ने प्रदेश के होटल, रेस्टोरेंट और छोटे ढाबा संचालकों की कमर तोड़ दी है। मांग के बावजूद गैस न मिलने से व्यावसायिक गतिविधियां ठप होने की कगार पर पहुँच गई हैं। सबसे चिंताजनक पहलू जिला प्रशासन और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की चुप्पी है। संकट गहराने के बावजूद मंगलवार को भी इस विषय पर न तो कोई आधिकारिक बैठक बुलाई गई और न ही आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कोई ठोस कदम उठाए गए। प्रशासन की इस बेरुखी से नाराज कारोबारी अब खुद अधिकारियों के दरवाजे खटखटाने को मजबूर हैं। यदि अगले 24 से 48 घंटों में सप्लाई बहाल नहीं की गई, तो आगामी दिनों में पूरे प्रदेश की व्यावसायिक गतिविधियां पूरी तरह बंद हो सकती हैं, जिससे पर्यटन उद्योग को भारी चपत लगने की आशंका है।
By Dhruv Sharma
