हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी के बाद अभी जनजीवन पटरी पर लौटा भी नहीं था कि मौसम विभाग ने एक बार फिर डराने वाली चेतावनी जारी कर दी है। राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों जैसे हंसा और केलांग में ताज़ा हिमपात का सिलसिला जारी है। विभाग के अनुसार, 27 जनवरी को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश और बर्फबारी के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। इसके बाद 30 जनवरी को एक नया ‘पश्चिमी विक्षोभ’ (Western Disturbance) सक्रिय होगा, जिसके चलते 31 जनवरी को फिर से भारी बर्फबारी और 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से बर्फीला तूफान आने की आशंका है। चम्बा, कुल्लू, किन्नौर और लाहौल-स्पीति में मौसम सबसे ज्यादा रौद्र रूप दिखा सकता है।
बर्फबारी के कारण प्रदेश की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। मौजूदा स्थिति यह है कि राज्य में 3 नेशनल हाईवे समेत 832 सड़कें अभी भी बंद पड़ी हैं, जिससे यातायात पूरी तरह ठप्प है। परिवहन व्यवस्था का बुरा हाल है; करीब 592 रूटों पर बस सेवाएं बंद हैं और 187 बसें रास्तों में ही फंसी हुई हैं। हालांकि, रविवार को धूप खिलने से प्रशासन ने राहत कार्य तेज किया और लगभग 314 सड़कों को बहाल किया, लेकिन पारा अभी भी शून्य से नीचे (माइनस में) बना हुआ है। मनाली, कल्पा और धर्मशाला जैसे शहर भीषण ठंड की चपेट में हैं।
सड़कों के साथ-साथ बुनियादी सुविधाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। प्रदेश भर में 1942 बिजली ट्रांसफार्मर ठप्प होने के कारण कई गांव अंधेरे में डूबे हुए हैं, जबकि 245 पेयजल योजनाएं रुकने से लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी ओर, इस कड़ाके की ठंड और बर्फबारी ने पर्यटन को पंख लगा दिए हैं। शिमला और मनाली जैसे हिल स्टेशनों पर सैलानियों का तांता लगा हुआ है और होटलों की ऑक्यूपेंसी 90 प्रतिशत तक पहुंच गई है। अगर आप भी पहाड़ों का रुख कर रहे हैं, तो मौसम की इस चेतावनी को ध्यान में रखकर ही अपनी योजना बनाएं।
By Dhruv Sharma
