चंबा के बालू क्षेत्र से लापता हुई युवती का तीन महीने बीत जाने के बाद भी कोई अता-पता न चलना पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। इस पूरे मामले में अब तक पुलिस के हाथ केवल वह शिक्षक लगा है, जिसे आखिरी बार नूरपुर में युवती के साथ देखा गया था। हालांकि पुलिस ने उक्त शिक्षक को गिरफ्तार कर कड़ी पूछताछ की है और परिजनों व सहेलियों के बयान भी दर्ज किए हैं, लेकिन युवती की स्थिति को लेकर अभी भी रहस्य बरकरार है।जांच के दौरान पुलिस ने संभावित ठिकानों के साथ-साथ पठानकोट तक में सर्च ऑपरेशन चलाया। यहाँ तक कि चमेरा जलाशय की गहराई में गोताखोरों की मदद भी ली गई, पर कोई सफलता हाथ नहीं लगी। बेटी की तलाश में हताश परिजनों ने जिला मुख्यालय पर चक्का जाम कर अपना आक्रोश व्यक्त किया और प्रशासन से गुहार लगाई कि उन्हें उनकी बेटी ‘जिंदा या मुर्दा’ किसी भी हाल में चाहिए। फिलहाल, पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी ने हर संभव प्रयास का आश्वासन दिया है, लेकिन समय बीतने के साथ-साथ स्थानीय लोगों और परिवार की उम्मीदें अब पुलिस की ठोस कार्रवाई पर टिकी हैं।
By Dhruv Sharma
