केंद्र सरकार ने आज वर्ष 2026 का केंद्रीय बजट पेश किया। यह बजट देश की आर्थिक मजबूती, युवाओं के भविष्य, रोजगार सृजन, बुनियादी ढांचे और समावेशी विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। बजट में कर सुधार, उद्योगों को प्रोत्साहन, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल भारत पर विशेष जोर दिया गया है।
1. प्रमुख वित्तीय आवंटन और बड़े आंकड़े (Major Financial Outlay)
सरकार ने बुनियादी ढांचे और आर्थिक विकास को गति देने के लिए फंड में भारी बढ़ोतरी की है:पूंजीगत व्यय (Capex): इसे ₹11.2 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ कर दिया गया है, जो सड़क, रेल और बिजली जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च होगा।
MSME विकास: छोटे उद्योगों को बड़े स्तर पर लाने के लिए ₹10,000 करोड़ का SME ग्रोथ फंड प्रस्तावित है।
बायोफार्मा शक्ति: घरेलू दवाओं के उत्पादन के लिए ₹10,000 करोड़ का आवंटन, जिससे 3 नए NIPER संस्थान भी बनेंगे।
शहर आर्थिक क्षेत्र (CER): आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक चयनित शहर को 5 साल में ₹5,000 करोड़ दिए जाएंगे।
2. इनकम टैक्स और सीमा शुल्क में बदलाव (Taxation Reforms)नया आयकर अधिनियम 2025: अप्रैल 2026 से एक नया कानून प्रभावी होगा, जिसका उद्देश्य टैक्स नियमों और फॉर्म को बेहद सरल बनाना है।
TCS में कटौती: विदेश यात्रा (Overseas Tour) पर लगने वाले 5-20% टैक्स को घटाकर मात्र 2% कर दिया गया है। शिक्षा और मेडिकल के लिए विदेश भेजे गए पैसे पर भी टैक्स अब केवल 2% होगा।
IT सेक्टर को बढ़ावा: विदेशी क्लाउड सर्विस प्रदाताओं को 2047 तक टैक्स हॉलिडे दिया जाएगा। IT सेवाओं के लिए सेफ हार्बर थ्रेशोल्ड ₹300 करोड़ से बढ़ाकर ₹2,000 करोड़ किया गया।
कस्टम ड्यूटी: व्यक्तिगत उपयोग के लिए आयातित सामान पर ड्यूटी 20% से घटकर 10% हुई। लिथियम-आयन बैटरी निर्माण की मशीनों और 17 महत्वपूर्ण दवाओं पर सीमा शुल्क हटा दिया गया है।
3. शिक्षा, कौशल और युवा शक्ति (Education & Youth)महिला सशक्तिकरण: उच्च शिक्षा में छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए देश के हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाया जाएगा।
डिजिटल क्रिएटर्स: 15,000 माध्यमिक स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित की जाएंगी।
कौशल विकास: 20 पर्यटन स्थलों में 10,000 गाइडों को IIM के सहयोग से 12 हफ्ते की हाई-क्वालिटी ट्रेनिंग दी जाएगी।
खेल: ‘खेलो इंडिया मिशन’ को अगले 10 वर्षों के लिए विस्तार दिया गया है ताकि वैश्विक स्तर पर एथलीट तैयार हों।
4. कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था (Agriculture & Rural)भारत-विस्तार (Bharat-VISTAAR): किसानों के लिए एक बहुभाषी AI टूल लॉन्च किया गया है, जो खेती की सटीक सलाह और मौसम की जानकारी देगा।
सहकारी समितियां: दूध और फल-सब्जियों के साथ अब पशु आहार और कपास बीज उत्पादक सोसायटियों को भी टैक्स कटौती का लाभ मिलेगा।लखपति दीदी: इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए SHE Marts (रिटेल आउटलेट) खोले जाएंगे।
5. परिवहन और कनेक्टिविटी (Transport & Logistics)हाई-स्पीड रेल: सात नए कॉरिडोर (जैसे मुंबई-पुणे, दिल्ली-वाराणसी, बेंगलुरु-चेन्नई) विकसित होंगे।जलमार्ग और फ्रेट: 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग चालू होंगे और दानकुनी से सूरत तक नया समर्पित मालगाड़ी कॉरिडोर बनेगा।
ई-बस: पर्यावरण के अनुकूल परिवहन के लिए 4,000 नई ई-बसें चलाने का प्रस्ताव है।
6. स्वास्थ्य क्षेत्र: भारत सरकार ने बजट 2026-27 में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के लिए ₹1,05,530.42 करोड़ आवंटित किए हैं। यह पिछले साल के संशोधित अनुमानों से लगभग 8.96% अधिक है।मुख्य घोषणाएं:बायो-फार्मा शक्ति: घरेलू दवाओं के उत्पादन और रिसर्च के लिए अगले 5 वर्षों में ₹10,000 करोड़ खर्च किए जाएंगे।आयुर्वेद: 3 नए ‘अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान’ (All India Institutes of Ayurveda) खोले जाएंगे।मेडिकल हब: राज्यों में 5 क्षेत्रीय मेडिकल हब बनाने का प्रस्ताव है।कैंसर की दवाएं: कैंसर और दुर्लभ बीमारियों की दवाओं पर सीमा शुल्क (Customs Duty) घटाया गया है।नए पद: अगले 5 वर्षों में 1 लाख एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल जोड़े जाएंगे।
7. रोजगार: भारत सरकार ने बजट 2026 में रोजगार और कौशल विकास (Skilling) के लिए कुल ₹2.12 लाख करोड़ का प्रावधान किया है।इस बजट की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:प्रधानमंत्री पैकेज: 5 योजनाओं के जरिए 4.1 करोड़ युवाओं को अगले 5 वर्षों में लाभ मिलेगा।पहली नौकरी का लाभ: पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं को EPFO के माध्यम से एक महीने का वेतन (₹15,000 तक) तीन किश्तों में दिया जाएगा।इंटर्नशिप: 500 बड़ी कंपनियों में 1 करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप का अवसर, जिसमें ₹5,000 प्रति माह वजीफा मिलेगा।मुद्रा ऋण: कारोबार शुरू करने के लिए तरुण श्रेणी में ऋण की सीमा ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹20 लाख कर दी गई है।आईटीआई (ITI): 1,000 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को हब-एंड-स्पोक मॉडल में अपग्रेड किया जाएगा।
8. राजकोषीय स्थिति (Fiscal Health)राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit): इसे GDP के 4.3% तक लाने का लक्ष्य रखा गया है (जो पिछली बार 4.4% था)।
कुल अनुमान: वर्ष 2026-27 के लिए कुल अनुमानित खर्च ₹53.5 लाख करोड़ और कुल प्राप्तियां (उधारी के बिना) ₹36.5 लाख करोड़ रहने का अनुमान है।
निष्कर्ष: केंद्रीय बजट 2026-27 विकास और संतुलन पर आधारित बजट है, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और उद्योग को प्राथमिकता दी गई है। सरकार का लक्ष्य समावेशी विकास के साथ देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
By Dhruv Sharma
