हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के अर्की बाज़ार में बीती रात एक रूह कंपा देने वाला हादसा पेश आया है। जब पूरा शहर गहरी नींद में सोया था, तब एक जलती हुई अंगीठी काल बनकर आई और देखते ही देखते खुशहाल नेपाली परिवार की खुशियों को राख के ढेर में बदल दिया। कड़ाके की ठंड से बचने के लिए कमरे के भीतर जलाई गई अंगीठी की एक छोटी सी चिंगारी ने घर में रखे रसोई गैस सिलेंडरों को अपनी चपेट में ले लिया। इसके बाद जो हुआ, उसने पूरे इलाके को दहशत से भर दिया।चश्मदीदों के मुताबिक, धमाके इतने भीषण थे कि मानो पूरा शहर दहल उठा हो। एक के बाद एक करीब 6 से 7 सिलेंडरों में हुए विस्फोट ने पूरी इमारत को आग के गोले में तब्दील कर दिया और पलक झपकते ही मकान जमींदोज हो गया। इस दर्दनाक हादसे में एक 8 साल के मासूम की जान चली गई है, जिसका शव मलबे से बरामद कर लिया गया है। प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें कड़ाके की ठंड और अंधेरे के बीच रात भर रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी रहीं। आशंका जताई जा रही है कि अभी भी 7 से 8 लोग मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं, जिन्हें बचाने की जद्दोजहद युद्ध स्तर पर जारी है। यह भयावह घटना एक बड़ी चेतावनी है कि सर्दियों में बंद कमरों के भीतर अंगीठी का लापरवाही से किया गया इस्तेमाल कितना घातक और जानलेवा साबित हो सकता है।
