मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश के समग्र विकास, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, सामाजिक सुरक्षा, पर्यटन, ऊर्जा और रोजगार से जुड़े कई महत्वपूर्ण और दूरगामी निर्णय लिए गए। ये फैसले राज्य की आधारभूत संरचना को मजबूत करने के साथ-साथ आम जनता को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाने वाले माने जा रहे हैं।
- स्वास्थ्य एवं चिकित्सा क्षेत्र में बड़े फैसले
कैबिनेट ने डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, हमीरपुर में अत्याधुनिक कैंसर केयर सेंटर स्थापित करने को मंजूरी दी है। इस सेंटर में 11 नए विभाग खोले जाएंगे और इसके संचालन के लिए आवश्यक विभिन्न पदों को भरने की स्वीकृति दी गई है।
इसके अलावा एम्स बिलासपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए 8 अतिरिक्त ब्लॉकों के निर्माण को हरी झंडी दी गई है।
सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर नीति में संशोधन करते हुए अब 66.66 प्रतिशत सीटें इन-सर्विस डॉक्टरों (GDO) के लिए और 33.33 प्रतिशत सीटें डायरेक्ट उम्मीदवारों के लिए आरक्षित की गई हैं।
खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कांगड़ा, मंडी, शिमला और बद्दी (सोलन) में चार नई खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। - सामाजिक कल्याण और नई नीतियां
अनाथों और विधवाओं के कल्याण के लिए पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर ओरफन एंड विडो सेस लगाने हेतु अध्यादेश को मंजूरी दी गई है। सरकार का कहना है कि इससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डाले बिना संसाधन जुटाए जाएंगे।
सामाजिक सुरक्षा (पेंशन एवं भत्ता) नियम, 2010 में संशोधन को स्वीकृति दी गई है, ताकि लाभार्थियों को समय पर पेंशन और भत्ते मिल सकें।
दिव्यांगजनों के कल्याण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए शिमला के ढली स्थित दिव्यांग संस्थान को सरकार अपने अधीन लेगी। साथ ही हीरानगर स्थित संस्थान में 11 नए पद भरे जाएंगे। - पर्यटन और बुनियादी ढांचे को बढ़ावा
पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए कांगड़ा जिले के नड्डी (धर्मशाला) में 7.41 करोड़ रुपये की लागत से 4.3 किलोमीटर लंबी जिपलाइन बनाने को मंजूरी दी गई है, जिसे एशिया की सबसे लंबी जिपलाइन बताया जा रहा है।
पर्यटन कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए एलायंस एयर को दिल्ली-शिमला और शिमला-धर्मशाला रूट पर पूरे सप्ताह 46 सीटर विमान उड़ाने की अनुमति दी गई है।
शिमला में एक नए और आधुनिक आइस स्केटिंग रिंक के निर्माण को भी कैबिनेट की स्वीकृति मिली है। - ऊर्जा और उद्योग से जुड़े निर्णय
औद्योगिक निवेश नीति 2019 को निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दिया गया है।
कैबिनेट ने राष्ट्रीय भू-तापीय ऊर्जा नीति को अपनाने को मंजूरी दी है, जिसके लिए ऊर्जा निदेशालय को नोडल विभाग बनाया गया है।
इसके अलावा 25 मेगावाट तक की चार जल विद्युत परियोजनाओं खौली-2, मलाणा-3, मनालसू और धनछो के आवंटन को स्वीकृति दी गई है। - रोजगार और भर्ती के अहम फैसले
राजस्व विभाग में तहसीलदार के 6 पद और आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ में 11 पद भरने का निर्णय लिया गया है। लंबित मामलों के निपटारे के लिए सेवानिवृत्त अधिकारियों की पुनर्नियुक्ति भी की जाएगी।
आबकारी विभाग में सहायक आयुक्त के 11 पदों को भरने की मंजूरी दी गई है।
स्टाफ नर्स भर्ती में आयु सीमा में बड़ा बदलाव करते हुए इसे 18 से 45 वर्ष कर दिया गया है, जबकि पहले यह 21 से 32 वर्ष थी। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग को 5 वर्ष की अतिरिक्त छूट मिलेगी।
इसके अलावा लोक निर्माण विभाग में जूनियर इंजीनियर (बागवानी) और हमीरपुर के भरेड़ी में वॉलीबॉल हॉस्टल के लिए नए पद सृजित किए गए हैं। - प्रशासनिक सुधार
कैबिनेट ने हिमाचल भूमि राजस्व नियम, 2025 को मंजूरी दी है, जिससे राजस्व अधिकारियों के कार्यों और ग्राम अधिकारियों की नियुक्तियों को व्यवस्थित और विनियमित किया जा सकेगा।
राज्य में क्रेच वर्करों और हेल्पर्स की भर्ती के लिए नई एसओपी और दिशा-निर्देशों को भी स्वीकृति दी गई है।
कैबिनेट के इन फैसलों से स्वास्थ्य सेवाओं, सामाजिक सुरक्षा, पर्यटन, ऊर्जा उत्पादन और रोजगार के क्षेत्रों में प्रदेश को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
By Dhruv Sharma
